संत रविदास शिक्षा सहायता योजना 2023: आवेदन प्रक्रिया, एप्लीकेशन फॉर्म डाउनलोड
उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के श्रमिक वर्ग परिवारों के बच्चों की शिक्षा पूरी करने के लिए एक नई योजना का आयोजन किया है, जिसे संत रविदास शिक्षा सहायता योजना कहा जाता है। इस योजना के अंतर्गत, सरकार उन सभी कमजोर श्रमिक परिवारों के बच्चों को आर्थिक सहायता के रूप में छात्रवृत्ति प्रदान करती है, जिनकी आर्थिक स्थिति ऐसी होती है कि वे अपने बच्चों को शिक्षित नहीं करवा सकते। इस योजना के तहत, सरकार संत रविदास शिक्षा सहायता योजना के माध्यम से बच्चों को उनकी कक्षा के हिसाब से शिक्षा पूरी करने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करती है। जो भी राज्य के श्रमिक परिवार इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं या इसमें आवेदन करना चाहते हैं, उन्हें इस लेख में दी गई सम्पूर्ण जानकारी को पढ़कर प्राप्त कर सकते हैं।
संत रविदास शिक्षा सहायता योजना 2023
उत्तर प्रदेश सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर श्रमिक परिवारों के बच्चों को पढ़ाई में प्रोत्साहन देने के लिए संत रविदास शिक्षा सहायता योजना की शुरुआत की है, जिसे श्रम विभाग द्वारा संचालित किया जाता है। इस योजना के अंतर्गत, सरकार मजदूरी करने वाले परिवारों के बच्चों को कक्षा 1 से 12 तक कक्षा स्तर की स्कूली पढ़ाई के लिए और इसके बाद शासकीय संस्थाओं में IIT, समकक्ष प्रशिक्षण (Peer Teaching), मेडिकल, इंजीनियरिंग, आदि कोर्सेज करने पर आर्थिक सहायता राशि हर महीने प्रदान करती है। यह योजना में आवेदन करने वाले सभी पात्र परिवारों के दो बच्चों को इस लाभ से युक्त किया जाता है, जिससे Sant Ravidas Shiksha Sahayata Yojana के अंतर्गत बच्चों को शिक्षा में बढ़ावा मिलेगा, और वे पढ़-लिखकर भविष्य में आगे बढ़ सकेंगे।
| योजना का नाम | संत रविदास शिक्षा सहायता योजना |
|---|---|
| आरम्भ की गई | Uttar Pradesh सरकार द्वारा |
| साल | 2023 |
| आवेदन प्रक्रिया | ऑनलाइन |
| विभाग | श्रम विभाग, उत्तर प्रदेश |
| योजना के लाभार्थी | राज्य के श्रमिक परिवारों के बालक/बालिकाएँ |
| उद्देश्य | बच्चों को शिक्षा पूरी करने हेतु आर्थिक सहयोग प्रदान करना |
| आधिकारिक वेबसाइट | http://upbocw.in/ |
योजना के अंतर्गत मिलने वाले लाभ
| कक्षा | राशि |
|---|---|
| 1 से 5 तक | 2,000/- रुपए एकमुश्त |
| 6 से 10 तक | 2,500/- रुपए एकमुश्त |
| 11 से 12 तक | 3,000/- रुपए एकमुश्त |
| स्नातक पाठ्यक्रम या उसके समकक्ष | 12,000/- रुपए एकमुश्त |
| आई टी आई, पॉलिटेक्निक, वोकेशनल कोर्स | 12,000/- रुपए एकमुश्त |
| ऐसे कोर्स जिनकी अवधि 02 वर्ष या 02 वर्ष से अधिक हो | 60,000/- रुपए एकमुश्त |
| स्नातकोत्तर डिग्री पाठ्यक्रम हेतु | 24,000/- रुपए एकमुश्त |
| शासकीय शिक्षण संस्थान से मेडिकल के स्नातक (MBBS) एवं स्नातकोत्तर डिग्री / डिप्लोमा हेतु | 1,00,000/- रुपए एकमुश्त |
संत रविदास शिक्षा सहायता योजना का उद्देश्य
दोस्तों, जैसा कि आप सभी जानते हैं, हमारे देश में आज भी कई ऐसे श्रमिक परिवार हैं जिनकी आर्थिक स्थिति सुधारी नहीं जा पा रही है, जिसके कारण वे अपने बच्चों को शिक्षित बनाने में सक्षम नहीं हो पा रहे हैं। इस कारण उनके बच्चे शिक्षित नहीं हो पा रहे हैं। सरकार ने इस समस्या का समाधान करने के लिए संत रविदास शिक्षा सहायता योजना की शुरुआत की है। इस योजना के अंतर्गत, राज्य के श्रमिक वर्ग के बच्चों को उनकी कक्षा के स्तर के अनुसार हर महीने आर्थिक सहायता राशि प्रदान की जाती है।
यह सहायता राशि आवेदक छात्रों के बैंक खातों में सीधे ट्रांसफर की जाती है, जिससे उनके परिवार को छात्रों की पढ़ाई में किसी भी तरह की रुकावट नहीं आती। इससे यह सुनिश्चित होता है कि राज्य के श्रमिक परिवार के बच्चों को पढ़ाई करने में कोई भी अडचन नहीं आती है और उन्हें शिक्षा के माध्यम से एक बेहतर भविष्य प्राप्त हो सके।
छात्रवृत्ति का लाभ प्रदान करने से जुड़े दिशा निर्देश:
- संत रविदास शिक्षा सहायता योजना के तहत, राज्य के बालक/बालिकाओं को पहली किश्त की भुगतान कक्षा में प्रवेश के बाद प्रदान किया जाता है।
- योजना का लाभ सिर्फ सरकारी कॉलेजों में शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों को ही प्रदान किया जाता है।
- शासकीय संस्थाओं में पॉलिटेक्निक, आईआईटी, मेडिकल, इंजीनियरिंग या समकक्ष पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले छात्र/छात्राओं को योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदकों को प्रवेश कार्ड या रसीद को प्रमाण के तौर पर दिखाना होगा।
- योजना के लाभ प्राप्त कर रहे छात्र/छात्राएँ, जो किसी कक्षा में उत्तीर्ण नहीं हो पाते और दोबारा उसी कक्षा में प्रवेश लेते हैं, वह योजना का लाभ दोबारा प्राप्त नहीं कर सकते।
- किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से राज्य स्तर की प्रवेश परीक्षा पास करने वाले छात्रों के व्यावासायिक (Vocational course) कोर्स को ही मान्यता दी जाएगी।
- छात्रों की चिकित्सा में डिग्री जैसे (BAMS/BDS/MBBS) आदि तभी मान्य होगी, जब आवेदक छात्र/छात्राएँ सरकारी कॉलेजेस में अपनी शिक्षा की पढ़ाई कर रहे होंगे।

संत रविदास शिक्षा सहायता योजना के अंतर्गत आवेदन हेतु आवेदक को निम्नलिखित पात्रताओं को पूरा करना आवश्यक है:
- योजना में आवेदन करने के लिए आवेदक को उत्तर प्रदेश का निवासी होना चाहिए।
- इस योजना का लाभ केवल श्रमिक वर्ग के परिवारों के बच्चों (बालक/बालिका) को दिया जाएगा।
- आवेदक के माता-पिता में से किसी एक का श्रमिक बोर्ड में पंजीकृत होना आवश्यक है।
- आवेदनकर्ता की आयु 25 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- केवल सरकारी संस्थानों में पढ़ रहे छात्र/छात्राएं ही आवेदन कर सकते हैं।
- एक ही परिवार के अधिकतम 2 बच्चे इस योजना का लाभ ले सकते हैं।
- छात्र की कक्षाओं में कम से कम 60% उपस्थिति अनिवार्य है।
- इंजीनियरिंग और मेडिकल के छात्रों को 8000 रुपये तक की सहायता दी जा सकती है।
- आवेदक के पास बैंक खाता होना चाहिए।
- सभी आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे।
संत रविदास शिक्षा सहायता योजना में आवेदन करने के लिए निम्नलिखित दस्तावेज आवश्यक हैं:
| क्र.सं. | दस्तावेज का नाम |
|---|---|
| 1. | आवेदक का आधार कार्ड |
| 2. | निवास प्रमाण पत्र |
| 3. | परिवार की आय का प्रमाण पत्र |
| 4. | स्कूल/कॉलेज का प्रमाण पत्र |
| 5. | बैंक पासबुक |
| 6. | माता-पिता का श्रमिक कार्ड |
| 7. | पासपोर्ट साइज की फोटो |
इन सभी दस्तावेजों के बिना आवेदन प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाएगी।
महत्वपूर्ण लिंक
- उत्तर प्रदेश संत रविदास शिक्षा प्रोत्साहन योजना करे।
- उत्तर प्रदेश संत रविदास शिक्षा प्रोत्साहन योजना आवेदन की स्थिति।
- उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड श्रम विभाग।
- उत्तर प्रदेश संत रविदास शिक्षा प्रोत्साहन योजना दिशानिर्देश।
सम्पर्क करने का विवरण
संत रविदास शिक्षा सहायता योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया:
- पहले आवेदक को अपने क्षेत्र के नजदीकी तहसील या श्रमिक विभाग कार्यालय में जाना होगा।
- कार्यालय से आपको योजना का आवेदन फॉर्म प्राप्त करना होगा।
- फॉर्म प्राप्त करके आपको फॉर्म में पूछी गई सभी जानकारी जैसे बच्चे का नाम, जन्म तिथि, कक्षा आदि सही से भरनी होगी।
- सारी जानकारी भर लेने के बाद आपको फॉर्म में मांगे गए सभी दस्तावेजों का फॉर्म के साथ अटैच कर लेना है।
- इसके बाद आपको अपने फॉर्म की अच्छे से जाँच करके कार्यालय में जमा करवा देना होगा।
- जब आवेदन पूरा हो जाएगा, तो अधिकारियों द्वारा आपके फॉर्म का सत्यापन होगा।
- सत्यापन के बाद ही योजना के लाभ का प्रदान किया जाएगा।
संत रविदास शिक्षा सहायता योजना से संबंधित प्रश्न और उत्तर:
प्रश्न 1: संत रविदास शिक्षा सहायता योजना क्या है?
उत्तर: संत रविदास शिक्षा सहायता योजना उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई एक छात्रवृत्ति योजना है, जिसके अंतर्गत राज्य के श्रमिक वर्ग के परिवार के बच्चों को उनकी शिक्षा पूरी करने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
प्रश्न 2: योजना का संचालन किस विभाग द्वारा किया जाता है?
उत्तर: योजना का संचालन श्रम विभाग द्वारा किया जाता है।
प्रश्न 3: योजना के अंतर्गत आवेदन हेतु आवेदक को किन-किन दस्तावेजों की आवश्यकता पड़ेगी?
उत्तर: योजना के अंतर्गत आवेदन हेतु आवेदक को निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होगी:
- आधार कार्ड
- निवास प्रमाण पत्र
- परिवार की आय प्रमाण पत्र
- स्कूल का प्रमाण पत्र
- बैंक की पासबुक
- माता-पिता का श्रमिक कार्ड
- पासपोर्ट साइज फोटो
प्रश्न 4: योजना के अंतर्गत आवेदन करने हेतु आवेदक की क्या पात्रता निर्धारित की गई है?
उत्तर: योजना के लाभ हेतु आवेदक को निम्नलिखित पात्रता शर्तों को पूरा करना होगा:
- आवेदक उत्तर प्रदेश का स्थाई निवासी होना चाहिए।
- आवेदक श्रमिक वर्ग के परिवार से होना चाहिए।
- आवेदक के माता या पिता श्रमिक बोर्ड से पंजीकृत हों।
- आवेदक की आयु 25 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- परिवार के केवल दो बच्चों को ही योजना का लाभ प्रदान किया जाएगा।
प्रश्न 5: क्या इस योजना का लाभ केवल श्रमिक परिवार के बच्चों को ही प्रदान किया जाता है?
उत्तर: हाँ, संत रविदास शिक्षा सहायता योजना का लाभ केवल श्रमिक परिवार के बच्चों को ही प्रदान किया जाता है।
प्रश्न 6: योजना के अंतर्गत आवेदन की क्या प्रक्रिया है?
उत्तर: योजना के अंतर्गत आवेदन की प्रक्रिया निम्नलिखित है:
- आवेदक को अपने नजदीकी तहसील या श्रम कार्यालय में जाकर आवेदन फॉर्म प्राप्त करना होगा।
- आवेदन फॉर्म में पूछी गई जानकारी और दस्तावेजों को अटैच करना होगा।
- आवेदन फॉर्म को कार्यालय में जमा करना होगा।
प्रश्न 7: संत रविदास शिक्षा सहायता योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: योजना का मुख्य उद्देश्य है श्रमिकों के बच्चों को उच्च शिक्षा प्राप्त करना सुनिश्चित करना, ताकि उन्हें आर्थिक सहायता मिले और उनकी शिक्षा में किसी भी रूप में कोई रुकावट ना आए।
